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शांत प्रदेश में कोलाहल...

 


जगजीत सिंह भाटिया

प्रधान संपादक
जवाबदेही समाचार पत्र


मध्यप्रदेश शांति का टापू कहा जाता है, लेकिन इन दिनों मध्यप्रदेश में अशांति का कोलाहल सुनाई देने लगा है। लोगों में देशप्रेम कम, पाकिस्तान प्रेम ज्यादा दिखाई देने लगा है। स्वच्छंद और आजाद रहने की सभी को स्वतंत्रता है, फिर अपने देश में रहकर गैर देश के नारे लगाना अपराध की ही श्रेणी में आता है, वह भी तब, जबकि पाकिस्तान ने कभी भारत का भला नहीं चाहा। यहां रहने वाले मुस्लिमों के साथ वहां कैसा व्यवहार किया जाता है, इसके बारे में भी भारत में रह रहे मुस्लिमों को जान लेना चाहिए। हम यहां सब मिल-जुलकर रह रहे हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं है तो फिर ये नफरत अपनों से ही क्यों...? जो लोग देश में अराजकता फैला रहे हैं, उन्हें सही जानकारी चाहिए तो इतिहास के पन्नों को पलटना चाहिए, ताकि झूठ-सच का उन्हें खुद ही पता चले..., क्योंकि नई पीढ़ी को लोग उकसा रहे हैंऔर देश को आग में झोंक रहे हैं।

एक उदाहरण से ही समझे कि जिस तरह से कोरोना वैक्सीन लगाने केलिए धर्मगुरुओं को सामने आना पड़ा, वो भी सिर्फ चंद ऐसे लोगों के लिए जो इस कोरोना महामारी में भी धर्म के मायने तलाशने में लगे रहे। तालिबान किस तरह मुसलमानों पर ही जुर्म कर रहा है..., इस बात से भी सबक लिया जा सकता है। हमारे देश की संस्कृति मिल-जुलकर रहने की है..., जिसे साकार करने के लिए सभी को मिलकर ही रहना होगा। नाम बदलकर व्यापार करने में नुकसानी ही है, क्योंकि इससे लोगों में नफरत ही बढ़ती है। रविवार रात इसी तरह की घटना इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में हुई मुस्लिम युवक नाम बदलकर चूड़ी बेच रहा था और अश्लील हरकत करते पकड़ाया। लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं, साथ-साथ लैंड जिहाद भी देशभर में चलाया जा रहा है। क्या अब कोई धर्मगुरु सामने आएगा और लोगों को समझाइश देगा कि इस तरह से अपने ही देश में अराजकता मत फैलाओं...!