सालभर पीड़ा भुगत चुके, अब तो संभल जाओ...

 


जगजीत सिंह भाटिया

प्रधान संपादक
जवाबदेही समाचार पत्र

देशभर में फिर चिंता नजर आने लगी है... हर तरफ फिर चर्चा शुरू हो चुकी है कि फिर लौट आया है कोरोना। महाराष्ट्र में कुछ शहरों पर लॉकडाउन का साया पड़ चुका हैं तो कुछ जगह रात का कर्फ्यू भी लगने लगा है। वहीं, मध्यप्रदेश असमंजस बरकरार है। सख्ती का दौर शुरू हो चुका है और लोगों को भी समझना होगा कि वह लापरवाही ना बरते। लोगों ने वो हालात देखे हैं, जिसका अगर दोहराव हो गया तो बड़ी विकट स्थिति पैदा होगी। कोविड-19 के नियमों को लेकर हर कोई जागरूक हो गया है, उसके बावजूद अगर लापरवाही बरती जा रही है तो इसकी भारी कीमत सभी को चुकाना होगी। इंदौर में दिन-प्रतिदिन मरीजों की बढ़ती संख्या और अस्पतालों के हालातों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ ही दिनों में ये आंकड़ा फिर बढ़त बनाएगा। गत वर्ष मार्च महीने के अंतिम दिनों में ही लॉकडाउन जैसे निर्णय ले लिए गए थे और उसके बाद के हालात से सब परिचित है। 

इस बीमारी की वजह से मरने वालों के मुंह तक परिवार के लोग नहीं देख सके और न ही कांधा दे सके। कई जगह अमानवीयता की तस्वीरें भी देखने को मिली। लोगों ने मास्क पहनना छोड़ दिया है, सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है, उसके बावजूद शहरभर में शिवरात्रि पर भंडारे गए और लोगों ने किसी भी नियम का पालन नहीं किया। नियमों का पालन करना ही इस बीमारी का बचाव है। शादी-ब्याह का सीजन शुरू हो गया है। पिछले साल भी कोरोना की वजह से कई लोगों की शादियां नहीं हो सकी तो कुछ लोगों ने जैसे-तैसे मैनेज किया। अब फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो उनकी शादी पर असर होगा।  बीते एक महीने की बात करें तो कोरोना के एक्टिव केस दोगुने होकर 4335 हो चुके हैं, जो 13 फरवरी को 1829 थे। संक्रमण दर 4.1% हो गई है, जो फरवरी में 1.2% ही थी। जबकि रोज होने वाली जांचें पिछले साल अप्रैल के मुकाबले आधी ही हो रही हैं। अब एक अप्रैल से  प्राइमरी और मिडिल स्कूल की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अब हकीकत कुछ ऐसी है कि इन बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए स्कूलों के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं है। ऐसे में स्थितियां बनेगी या बिगड़ेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। लोगों से अपील है कि वो अपनी जवाबदेही समझे और कोविड-19 को नियमों का पालन कर खुद भी सुरक्षित रहे और परिवार के साथ-साथ शहर की भी चिंता करें।


  • मास्क पहने
  • सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें
  • भीड़-भाड़ में जाने से बचे
  • आयोजनों में जाने से बचे
  • बार-बार साबून से हाथ धोए