राजस्व विभाग में सख्ती करना जरूरी...

 

 जगजीत सिंह भाटिया
प्रधान संपादक
जवाबदेही समाचार पत्र

 
प्रदेश में मिलावटखोरों, नशा बेचनेवालों, अवैध निर्माण, कब्जा, राजस्व के प्रकरण में तेजी लाने के लिए जो मुहिम चल रही है वह सराहनीय है। इसमें सबसे ज्यादा काम इंदौर जिले में हो रहा है। यहां के कलेक्टर जो कि इंदौर को स्वच्छता में नंबर-1 लाने के असली हीरो हैं, उस वक्त निगमायुक्त थे। वह इन सब कार्रवाइयों को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। इनकी कोशिश है कि जनता का काम समय पर हो एवं परेशानी न आए, लेकिन राजस्व विभाग में काम करने वाले इतने ढीट हो चुके हैं कि उनको किसी भी कार्रवाई का फर्क नहीं पड़ता। लोगों को काम के लिए अभी भी बहुत परेशानी हो रही है और चक्कर काटना पड़ते हैं। जब तक इन गैर जिम्मेदारों की स्वार्थपूर्ति नहीं कर दी जाए, तब तक ये नियमों का हवाला देते हुए संबंधित का काम लटकाकर रखते हैं और परेशान करते हैं। स्वार्थपूर्ति होते ही सारा काम आसानी हो जाता है। इनमें एक तहसीलदार मैडम है, जिनके नेतृत्व में सांवेर क्षेत्र का काम आता है एवं उनका रीडर (सुरेंद्र-परिवर्तित नाम), जो 20 वर्षों से उसी कुर्सी पर जमा है। इन पर कलेक्टर साहब के आदेश का कोई असर नहीं होता है।  इस मुहिम में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे मामलों को भी शामिल किया जाना चाहिए एवं जो लोग नहीं मान रहे हैं, उनके खिलाफ लोकायुक्त कार्यवाही करने के लिए बोला जाना चाहिए, क्योंकि लोकायुक्त तभी कार्यवाही करता है, जब कोई शिकायत करता है...और कोई शिकायत करके बुराई मोल लेना नहीं चाहता, क्योंकि हमाम में सब एक जैसे हैं।