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 निरंकुश होते अपराधी...


जगजीत सिंह भाटिया
प्रधान संपादक
जवाबदेही समाचार पत्र


जैसी संभावना व्यक्त की गई थी, ठीक उसी दिशा में इंदौर में क्राइम बढ़ना शुरू हो गया है। ज्ञात हो कि जैसे ही शहर अनलॉक हुआ पुलिस अफसरों ने अपने अधीनस्थों के साथ बैठक की थी। इसमें कहा गया था कि कोरोनाकाल में गुंडे-बदमाश घरों में रहे हैं और अब शहर अनलॉक हो चुका है तो गुंडागर्दी, लूट की वारदात भी होगी....


ये सच पुलिस ने ही कहा था जो सच साबित होता दिखाई दे रहा है।  शहर में अपराधों की बाढ़-सी आ गई है। 15 दिन में 4 हत्या हो गई, छेड़छाड़ की घटनाएं भी बढ़ गई है। गुंडों का खौफ इतना बढ़ गया है कि जरा-से विवाद में मोहल्लों में जाकर वाहनों में तोड़फोड़ तक कर रहे हैं। रविवार रात  गाड़ी हटाने की बात पर बाणगंगा थाना क्षेत्र में जमकर तोड़फोड़ की गई और चाकूबाजी में एक युवक को घायल कर दिया। इसके पूर्व इसी सप्ताह लसूड़िया थाने में गुंडों ने पथराव किया और मारपीट कर वाहनों को नुकसान पहुंचाया।


एक तरफ मध्यप्रदेश में उपचुनाव है ऐसे में आला अफसरों का ध्यान चुनावी क्षेत्रों में है। अपराधों में नेता भी संलिप्त होते जा रहे हैं। अभी भाजपा नेता के घर से अवैध रूप से शराब भी पकड़ाई है। सट्टा चाहे क्रिकेट का हो या पर्ची वाला, सब चल रहा है। गांजा तस्कर इंदौर में सक्रिय, इसके साथ-साथ ड्रग्स के सप्लायर तक शहर में अपने पैर जमा चुके हैं। शहर क्राइम की दिशा में भी कुख्यात हो रहा है। 


गुंडे-बदमाश निरंकुश हो चुके हैं, लूट, रंगदारी पूरे इंदौैर में हो रही है। राह चलती महिलाओं के बैग झपटे जा रहे हैं तो चैन स्नैचिंग भी हो रही है। 


कुल मिलाकर अपराधियों की जब तब टांगे पुलिस नहीं तोड़ेगी, तब तक अपराध पर काबू पाया नहीं जा सकता। अब धीरे-धीरे शहर के बाजार पूरी तरह से खुल रहे हैं, ऐसे में महिलाओं के साथ लूट की घटनाएं अधिक बढ़ेंगी। पुलिस को सजग रहना जरूरी है, नहीं तो अपराधों में भी इंदौर को नंबर वन का तमगा मिलने में देर नहीं लगेगी....।