ये हैं 'आत्मनिर्भर'...


कोरोना का डर इतना ज्यादा है कि लोग घरों से निकलना तो दूर बाहर जाने का सोच भी नहीं रहे लेकिन जो लोग घर से निकल रहे हैं उनकी कोई न कोई मजबूरी होगी...
एक गरीब अपने परिवार के खाने के इंतजाम के लिए साइकल पर केले बेचने निकला। लेकिन भाइयों हमारे यहां की पुलिस व्यवस्था देखिए...
बेचारे गरीब से साइकल पर रखी केले की कैरेट छीनकर कार में रख कर निकल गए। उन्होंने खाली कैरेट को भी देना उचित नहीं समझा। लेकिन वह गरीब बेचारा वहीं खड़ा रहा, वह गरीब किसके लिए रोए, अपने नसीब के लिए या फिर पुलिस के लिए।
घर वालों को उम्मीद थी कि केले बेचकर आएंगे तो घर के लिए कुछ लेकर आएंगे... लेकिन घर वालों को क्या पता उनके साथ क्या हुआ।



 


अब घर पर केले वाला क्या जबाव देगा...
हमसे ज्यादा तो पुलिस के परिवार वाले भूखे हंै...
वे हमारी केले की भरी कैरेट छीनकर ले गए...
भगवान उन पुलिस वालों का खयाल रखना...
हम तो एक दिन और भूखे रह लेंगे...
पुलिस को गरीब से केले पर बेचने को लेकर बात करनी चाहिए थी
पुलिस को मालूम है कि उनके घर-परिवार की स्थिति क्या है
मेरे हिसाब से पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए, उस गरीब को अल्टीमेटम देकर छोड़ देते
जो लोग फालतू घूमते हैं उन पर कार्रवाई करना उचित है
कैसे बनेगा आत्मनिर्भर भारत...