लॉकडाउन में सोम ग्रुप ने 33.53 करोड़ की जीएसटी चोरी


लॉकडाउन के तीन महीनों 24 मार्च से 25 जून के दौरान सोम ग्रुप के कारखानों में 56 लाख लीटर एल्कोहल बेस्ड हैैंड सेनिटाइजर का उत्पादन किया गया। इसमें से 187 करोड़ रुपए मूल्य का 49 लाख लीटर हैैंड सेनिटाइडर बिना इनवॉइस या जीएसटी चुकाए देश भर में सप्लाई किया गया। डायरेक्टर जनरल जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) की सोम ग्रुप के मैनेजर व कर्मचारियों से पूछताछ और एकाउंट्स की जांच में यह खुलासा हुआ है। अब तक 33.53 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी सामने आई है। 


डीजीजीआई की टीमों ने जुलाई के पहले व दूसरे हफ्ते में भोपाल, दिल्ली, गुरुग्राम में मारे गए छापों में ड्रमों, टैैंकरों में भरकर सप्लाई किया गया सेनिटाइजर जब्त किया था। इससे विभाग के अफसरों को इस बात की पुष्टि हो गई कि 90, 180, 500 व 750 एमएल की प्लास्टिक बोतलों के अलावा सोम ग्रुप ने 5 लीटर से 250 लीटर तक के ड्रम और 30 हजार लीटर क्षमता के टैैंकरों में सेनिटाइजर भर कर देश भर में सप्लाई किया। जहां यह माल उतारा गया वहां इसे छोटी-छोटी बोतलों में रीपैक करने के बाद ब्रांड का नाम चिपका दिया गया। फिर इसे थोक के साथ ही खुले बाजार में बिकने के लिए भेज दिया। लॉकडाउन और उसके बाद की अवधि में कोरोना की वजह से इस प्रोडक्ट की खासी डिमांड थी।



पूछताछ के बाद अस्पताल में हो गए भर्ती, समन मिलने के दो दिन बाद ही हॉस्पिटल ने कर दिया डिस्चार्ज विभाग ने पड़ताल के आधार और इस अवैध धंधे में सीधे शामिल होने पर ग्रुप के सीईओ जीडी अरोरा को रविवार को गिरफ्तार किया था। वो ग्रुप के मालिक जगदीश अरोरा का चचेरा भाई है। इसके पहले सीईओ के बयान 26 जून को रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद वो भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया था।


ऐसे में विभाग ने अस्पताल के संचालक को समन भेज कर नौ जुलाई को तलब किया था। उनसे आरोपी जीडी अरोरा की स्वास्थ्य की स्थिति पूछी गई। इसका यह फायदा हुआ कि अस्पताल ने उसे फिट घोषित करते हुए 11 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया। विभाग ने इसी दिन और रविवार को उसके एविडेंस रिकॉर्ड पर लिए और उसे गिरफ्तार कर लिया। पांच करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी के कारण यह मामला गैर जमानती है। 


यहां बता दें कि जगदीश, उनके भाई अजय अरोरा और डायरेक्टर विनय सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जीडी अरोरा समेत सभी चारों आरोपियों को कोर्ट 24 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। 


अभी 25 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी वसूली बाकी


डीजीजीआई ने अब तक की जांच के आधार पर 33.53 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का अनुमान लगाया है।  सोम ग्रुप ने नौ जुलाई को खुद आठ करोड़ रुपए कैश बतौर जीएसटी विभाग में जमा कर दिया। इसके बाद ग्रुप से 25 करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्स और वसूला जाना है। ग्रुप व उसके सहयोगियों के ठिकानों से  20.62 करोड़ के सेनिटाइजर जब्त किए जा चुके हैैं।