प्रधानमंत्री मोदी बोले- 80 करोड़ लोगों को नवंबर तक दिया जाएगा मुफ्त राशन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना लॉकडाउन के बाद से लगातार देश को संबोधित कर रहे हैं। आज एकबार फिर उनका राष्ट्र के नाम संबोधन हो रहा है। पीएम मोदी का यह संबोधन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी तनातनी के बीच और अनलॉक-2 के ठीक एक दिन पहले हुआ।



  • अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है। यानि एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड। इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं और जाते हैं।

  • सरकार द्वारा इन पांच महीनों के लिए 80 करोड़ से ज्यादा भाई-बहनों को 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। साथ ही हर परिवार को हर महीने 1 किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा। इस योजना के विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।

  • 80 करोड़ लोगों को अब नवंबर तक मुफ्त अनाज दिया जाएगा। इसका श्रेय देश के मेहनती किसान और ईमानदार करदाताओं को जाता है।

  • इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए।

  • हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है। अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है। त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है।

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया। बीते 3 महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए। 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं।

  • आज मैं एक महत्वपूर्ण घोषणा करने जा रहा हूं। हमारे यहां वर्षा के दौरान कृषि के क्षेत्र में ही ज्यादा काम होता है। जुलाई से धीरे-धीरे त्यौहार का मौसम शुरू होने लगता है।

  • कोरोना से लड़ते हुए लोगों को तीन महीने का राशन मुफ्त दिया गया। प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो दाल भी मुफ्त दी गई। अमेरिकी की कुल जनसंख्या से तीन गुना अधिक लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्ता अनाज दिया है।

  • लॉकडाउन होते ही सरकार पौने दो लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज लेकर आई। लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए।

  • पहले हम मास्क को लेकर, दो गज की दूरी को लेकर, 20 सेकेंड तक दिन में कई बार हाथ धोने को ले कर बहुत सतर्क थे। अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है।


देशवासियों से प्रार्थना कि वे अपना ध्यान रखें


अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ते-लड़ते अब हम अनलॉक 2 में प्रवेश कर रहे हैं। हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जिसमें सर्दी, जुकाम, बुखार होता है ये मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में आप सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि ऐसे समय में अपना ध्यान रखें। पीएम मोदी ने कहा कि जब से अनलॉक शुरू हुआ है लोगों में लापरवाही बढ़ गई है। पहले हम बहुत सतर्क थे लेकिन आज जब ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना चिंता का कारण है।


यह संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब देश कोविड-19 महामारी के रोज बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन में ढील के 'अनलॉक-2' में प्रवेश करने जा रहा है जिसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार रात दिशा-निर्देश जारी किए।


पीएम मोदी के संबोधन से पहले अमित शाह का ट्वीट


पीएम मोदी के संबोधन से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके कहा कि पीएम मोदी के संबोधन को महत्वपूर्ण बताया उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों से आग्रह करते हैं कि आज शाम चार बजे पीएम मोदी के संबोधन को जरूर सुने। इससे पहले अपने संबोधन को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोमवार रात ट्वीट किया गया था, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (मंगलवार) शाम चार बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे।''


बता दें कि देश में कोविड-19 के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम यह छठा संबोधन है। मोदी ने पिछली बार देश को 12 मई को संबोधित किया था जब उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज का ऐलान किया था। रविवार को प्रसारित हुए 'मन की बात' कार्यक्रम में मोदी ने कहा था कि भारत ने लद्दाख में अपनी भूमि पर बुरी नजर डालने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।