लॉकडाउन अब और आगे न बढ़ाया जाए


जगजीत सिंह भाटिया
प्रधान संपादक
जवाबदेही समाचार पत्र



देश के लोगोें को बचाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया। गरीबों के लिए बहुत सारी सुविधाएं एवं छूट दी गई लेकिन फिर भी देश के आर्थिक हालात खराब होते जा रहे हैं इस 21 दिन के बंद का दूरगामी दुष्परिणाम अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। कुछ तत्यों पर मैं अपने विचार व्यक्त करना चाहता हंू जैसे कि अपने देश में रोजाना 20-25 हजार एवं पूरी दुनिया में रोजाना लगभग एक से सवा लाख मौते रोज होती हैं जिसमें सामान्य एवं बीमारी से  एक्सीडेंट से मर्डर से सभी तरह के मौते शामिल है। हमें जनवरी से मार्च 19 एवं जनवरी से मार्च 20 में हुई मौतों के आंकड़ों का आकलन करना चाहिए कहीं ऐसा तो नहीं कि कोरोना नाम की बीमारी से हम ज्यादा ही डर गए हैं। यदि इस लॉकडाउन को और बढ़ाया गया तो देश के हालात बहुत ही गंभीर हो जाएंगे क्योंकि सभी व्यापारियों पर ब्याज, किराया, वेतन एवं घर की जिम्मेदारियां चल रही हैं जिसका कोई भी मुआवजा नहीं मिलेगा। बहुत सी जगह पर सब्जियां, फल, अनाज खराब हो गया है जिसका कोई मुआवजा मिलने की उम्मीद नहीं है। इसका पैदा करने का समय 60 से 90 दिन का है आगे बरसात का मौसम  आ रहा है कहीं ऐसा न हो कि देश में अनाज एवं सब्जियों की कमी हो जाए। बड़े-बड़े उद्योग बंद पड़े हैं यदि यह चक्र टूट गया तो कोरोना से ज्यादा लोग भूख और बेरोजगार, दंगे फसाद आदि से मर जाएंगे। मीडिया और सोशल मीडिया की सहायता से सरकार लोगों को जागरूक करके इसका हल निकाले। जैसे कि भीड़ न लगाएं एक दूसरे से दूरी बनाएं रखें, साफ-सफाई का ध्यान रखें, घरों में कपड़े के दस्ताने और मास्क बना लिए जाएं और उसका इस्तेमाल किया जाए जिसे गर्म पानी से धोकर उनका दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। आयुष मंत्रालय द्वारा जारी की गई आयुर्वेद पद्धत्ति भी अपनाकर जैसे कि गर्म पानी में हल्दी, अजवाइन उबालकर पीना, नमक 30 प्रतिशत काली मिर्च 70 प्रतिशत मिलाकर इस मिश्रण को सलाद में, पानी में मिलाकर लें इसके अलावा जो भी उपाय बताए गए हैं उन्हें अपनाकर हम इस बीमारी से बच सकते हैं। पूरे देश को बंद करके ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता यह बात जनता को उनकी जिम्मेदारी समझाकर बताई जाए। 


जवाबदेही अपील : घर में रहे, सुरक्षित रहे, एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहे, बाजारों में सामान खरीदने के लिए भीड़ न लगाएं, प्रशासन के नियमों का पालन करें