कोरोना संकट: कानून व्यवस्था तो बिगड़ेगी और हालत बेकाबू हो जाएंगे


इंदौर। कोरोना संकट के दौरान धार जिले के अमोदिया ग्राम में एक घटना हुई, जिसमें प्याज चोरों ने पिता-पुत्र की हत्या कर दी.  इस प्रकरण पर गौर करें तो ये प्रशासन का सहयोग भी नहीं करने से  हुई घटना मान सकते हैं।  जब सरकार ने कहा है कि किसानों को गेहूं काटने दिए जाये तो फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है. खंडवा से बड़वाह तरफ  किसानों को जाने नहीं दिया जा रहा है. खेतों में पकी फसल से गेहूं के दाने गिरने लगे है'. यदि  फसलें काटने नहीं दी गई तो हालात बिगड़ेंगे। किसानों के साथ-साथ आम आदमी पर भी इसका असर पड़ेगा. लोगो के भूखे मरने तक की नौबत आ सकती है. वहीं चोरी-लूट की घटनाएं भी बढ़ेगी. इसलिए किसानों को फसल काटने दी जानी चाहिए. हम देख रहे है कि किस तरह लोग भूखे है और सामाजिक संगठन मदद कर रहे है. अभी जब तक लॉक डाउन है तब तक ये संगठन जोर लगा देंगे बाद में क्या होगा, क्योंकि इस समय गत वर्ष के अनाज का उपयोग हो रहा है, अब इस साल की फसल को बर्बाद होने दिया तो अगले साल क्या होगा, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. अब अगली फसल बारिश के बाद ही आना है. कानून व्यवस्था तो बिगड़ेगी और हालत बेकाबू हो जाएंगे।