भूमाफिया बॉबी छाबड़ा की करतूत, फर्जी सदस्यों के पते पर मिलीं दुकानें और शोरूम


इंदौर। भूमाफिया बॉबी छाबड़ा ने जिन संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ मिलकल जमीन की हेराफेरी की है, उनकी वरीयता सूची पुलिस ने बुलवाई है। सूची में जिन सदस्यों के नाम हैं, उनके पते पर जब पुलिस पहुंची तो वहां शोरूम और दुकानें मिलीं। संस्था के पदाधिकारियों ने सूची में गलत पते लिखे हैं, जिससे कि उन्हें अपात्र घोषित किया जा सके। बॉबी ने खजराना टीआई के सामने खुद यह बात कबूल की है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने सभी थानों को अलर्ट किया है कि बॉबी के खिलाफ पुराने आवेदनकर्ताओं को बुलाया जाए और उनकी शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए जाएं, जिससे कि बॉबी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने बताया कि बॉबी छाबड़ा ने अपने गुर्गों को पदाधिकारी बनाया और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संस्थाओं के सदस्यों की जमीन हड़पने के लिए पहले संस्था का पता बदला फिर कागजों में सदस्यों के पते बदल दिए। संस्था का पता बदलने से सदस्य प्लॉट की किस्त भरने के लिए भटकते रहे। जब संस्था के पास जमीन की किस्त नहीं पहुंची तो संस्था ने सदस्य को गलत पते पर नोटिस जारी कर दिया।


नोटिस गलत पते पर जाने के कारण सदस्य को नहीं मिला और लौटकर संस्था आ गया। संस्था पदाधिकारियों ने उस नोटिस की आड़ लेकर सदस्य को अपात्र घोषित किया और उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब सदस्यों ने जमीन मांगी तो उन्हें जमा किए रुपए लौटा दिए और रसीद वापस ले ली। इस जमीन पर बॉबी ने कब्जा किया और उसे कई गुना अधिक कीमत में बेच दिया।


बॉबी ने पुलिस को बताया कि वह भूमाफिया नहीं है। उसने तो सहकारिता विभाग की कमजोरी और सिस्टम का फायदा उठाया है। सहकारिता विभाग को सदस्यों को सत्यापित करना था, जो नहीं किया। इसी का फायदा बॉबी ने उठाया। संस्था और सदस्यों के पते बदले और कागजों में हेराफेरी कर जमीन को कब्जे में कर उसे ऊंचे दामों में बेच दिया।


जांच में पता चला कि श्रीराम गृह निर्माण सहकारी संस्था वर्ष 1960 में बनी थी। इसमें करीब 919 सदस्य हैं। संस्था ने तीन कॉलोनी काटी थीं- श्रीराम नगर, पुष्पक नगर और पुष्पांजलि। इनमें से श्रीराम नगर में 38, पुष्पक नगर में 112 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। बाकी बचे हुए करीब 600 सदस्य अपात्र घोषित कर दिए गए और इनकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया।


सोमवार को पुलिस जांच के लिए संस्था सदस्य जसविंदर पिता त्रिलोक सिंह के एचआईजी कॉलोनी स्थित घर गई। यहां सदस्य का घर नहीं मिला, बल्कि शोरूम बना हुआ है। इसी तरह गोपाल के नाम के आगे ग्राम पिपरिया कर दिया है, जबकि पिपरिया गांव इंदौर में है ही नहीं। अब इन्हें नोटिस गए भी तो वापस आ गए और उन्हें अपात्र घोषित कर दिया।


भूमाफिया बॉबी पहले की तरह इस बार आसानी से पुलिस हिरासत से बाहर नहीं आ पाएगा। उसके खिलाफ गंभीरता से लिखा-पढ़ी की जा रही है। बॉबी के मामले में अफसर भी गंभीर हैं, जिससे कि किसी प्रकार की गलती न रह जाए। बॉबी के खिलाफ पुलिस ने चार नए प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें खजराना में जो अपराध दर्ज है, उसमें गिरफ्तारी हुई है। अन्य तीन मामलों में गिरफ्तारी होना बाकी है। खजराना थाने में गिरफ्तारी के बाद उसे रिमांड पर रखा है। पहले भी वह जेल जाकर आ चुका है।